Published On: Thu, Apr 23rd, 2020

मुंबई बंदरगाह पर उतर सकेंगे क्रूज पर अटके 146 नाविक

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cruseएक विदेशी क्रूज पर फंसे 146 भारतीयों को मुंबई बंदरगाह पर उतरने की अनुमति केंद्र सरकार से मिल गई है। इस बारे में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने खुद केंद्रीय जहाजरानी राज्यमंत्री मनसुख मांडविया से बात की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मरीला डिस्कवरी नाम के क्रूज पर 146 भारतीय नाविक पिछले एक महीने से फंसे हुए हैं। केंद्र से अनुमति मिलने के बाद गुरुवार सुबह से इन्हें मुंबई पोर्ट पर क्रूज से उतारा जाएगा। इसके बाद इन सभी की मेडिकल जांच होगी और सभी को एक इमारत में क्वारंटीन किया जाएगा। भारतीय कर्मचारियों को उतारने के बाद क्रूज नॉर्वे के लिए रवाना हो जाएगा।

दिन का टेंशन भरा सफर
सीएमओ से मिली जानकारी में बताया गया है कि 2 से 6 अप्रैल के बीच मरीला डिस्कवरी क्रूज को कोचीन, न्यू मंगलोर, गोवा और मुंबई आना था। इसी बीच, कोरोना का संक्रमण शुरू हो गया और क्रूज पर सवार सभी यात्रियों को 12 मार्च को थाईलैंड में उतार दिया गया और खलासियों, नाविकों को लेकर एक महीने का सफर करके क्रूज 12 अप्रैल को कोचीन पहुंच गया, लेकिन कोचीन में नाविकों को उतरने की इजाजत नहीं दी गई। 14 अप्रैल को क्रूज मुंबई पहुंचा। तब से कर्मचारियों को मुंबई बंदरगाह पर उतरने की अनुमति मिलने के इंतजार में लंगर डाले खड़ा है। क्रूज कंपनी ने सरकार को बताया है कि जहाज को थाईलैंड से निकले 37 दिन हो गए हैं और जहाज पर मौजूद किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं हैं।

मुंबई पोर्ट का सहयोग
मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय भाटिया ने महाराष्ट्र सरकार को क्रूज पर फंसे भारतीयों के बारे में बताया। इस पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय से बात की। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार रात एक आदेश जारी किया है और समुद्र में फंसे भारतीयों को देश के बंदरगाहों पर उतारने की गाइडलाइंस तय की हैं। इस आदेश का लाभ समुद्र में अलग-अलग जहाजों पर अटके 40 हजार भारतीय खलासियों और जहाजकर्मियों को होगा।

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